दो दोस्त एक दूसरे के घर पर शांतिपूर्वक दोपहर बिता रहे हैं, लेकिन अचानक कुछ ऐसा घटित होता है जो उस दोस्ती का सार बदल देता है। उनमें से एक को नोटों से भरा एक बटुआ दिखाई देता है और वह सोचता है कि उन्हें ले लेने का यही सही समय है। उसे उसके बड़े भाई द्वारा खोजा जाता है, जो उसका ध्यान अपनी ओर आकर्षित करता है तथा उसे बताता है कि इस डकैती के प्रयास में उसे काफी नुकसान उठाना पड़ेगा।