बीस-तीस साल की ये दो हसीनाएँ साफ़-साफ़ कह चुकी हैं कि वे गर्मियों की छुट्टियाँ पढ़ाई में नहीं बिताना चाहतीं। इसलिए वे उस बुज़ुर्ग गणित शिक्षक के ऑफिस में जाकर उसे अपनी परीक्षाओं की समीक्षा करने के लिए मनाने की कोशिश करती हैं। वे सोच भी नहीं सकती थीं कि उस आदमी का पिछवाड़ा इतना बड़ा होगा!